राष्ट्रपति चुनाव की लड़ाई अपने निर्णायक मुकाम पर पहुंच चुकी है। रायसीना हिल पहुंचने के रास्ते में वही विजेता बनेगा, जिसे देश के सबसे अधिक विधायक और सांसदों का समर्थन हासिल होगा। इस बार वोटों की गणना इस कारण से अधिक महत्वपूर्ण और प्रासंगिक हो गई है क्योंकि किसी भी दल या घटक के पास अपने बूते राष्ट्रपति बनाने की ताकत नहीं है। ऐसे में समर्थन के लिए तमाम दलों को एक दूसरे की जरूरत पड़ेगी।
राष्ट्रपति चुनाव 2012 में कितने लोग वोटिंग करेंगे.
लोकसभा सांसद – 543
राज्यसभा सांसद – 243
देश के कुल विधायक – 4,120
कुल वोटरों की संख्या – 4,896
कुल 4,120 विधायकों के वोटों की संख्या – 5,49,474
कुल 776 सांसदों के वोटों की संख्या- 5,49,408
एक विधायक की कीमत : किस राज्य में सबसे ज्यादा
उत्तर प्रदेश – 208
तमिलनाडु – 176
झारखंड – 176
महाराष्ट्र – 176
बिहार – 173
केरल – 152
प. बंगाल – 151
गुजरात – 147
जिन राज्यों में एक विधायक की कीमत 10 से कम
सिक्किम – 7
अरुणाचल प्रदेश – 8
मिजारेम – 8
नागालैंड – 8
दिल्ली के एक विधायक की कीमत – 58
सबसे अधिक वोट वाले राज्य
यूपी – 83,824
महाराष्ट्र – 50,400
प. बंगाल – 44,304
वोटों का कैसे होता है निर्धारण
राष्ट्रपति चुनाव में देश के सभी निर्वाचित सांसद और विधायक वोट देते हैं। सांसदों और विधायकों के वोटों की कीमत तय की जाती है।
कैसे होती है वोटों की कीमत तय?
उदाहरण के तौर पर -
आंध्र प्रदेश की कुल जनसं?या (1971 की जनगणना पर आधारित) – 4,35,02,708
वहां एक विधायक के वोट की कीमत निकालने के लिए आंध्र प्रदेश विधानसभा की जनसंख्या को डिवाइड करेंगे कुल विधायकों की संख्या (294) से और इसे 1000 से गुणा करेंगे। इसका नतीजा निकलेगा 148।
एक एमपी के वोट की कीमत
एक एमपी के वोट की कीमत निकालने के लिए सभी राज्यों के विधायकों के वोट को जोड़कर उसे लोकसभा के निर्वाचित 543 और राज्यसभा के निर्वाचित 243 सदस्यों से डिवाइड किया जाता है।
चुनाव की कुछ खास बातें
- वोटिंग गुप्त बैलेट के जरिए होती है
- 1952 में एक एमपी के वोट की कीमत 49
- राष्ट्रपति पद के चुनाव में खड़े होने वाले उम्मीदवारों को कम से कम 50 सांसद या विधायकों की ओर से अनुमोदन मिलना चाहिए। इसके लिए जमानत राशि 15 हजार रुपये की होती है।
- राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर होते हैं।
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